चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ की एक सत्र अदालत ने नवंबर 2023 में अपने छोटे भाई की हत्या और मां व दूसरे भाई पर चाकू से हमला करने के मामले में 35 वर्षीय अजय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित कुमार ग्रोवर ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया है।
अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार, घटना के दिन अजय नशे की हालत में घर पहुंचा और मां कमला से विवाद करने के बाद बाहर चला गया। कुछ देर बाद वह चाकू लेकर लौटा और मां कमला तथा अपने दोनों भाइयों अनिल और राहुल पर हमला कर दिया। तीनों घायलों को पहले सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल और बाद में पीजीआईएमईआर ले जाया गया, जहां राहुल की 5 नवंबर 2023 को इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने अजय को दद्दू माजरा कम्युनिटी सेंटर के पास से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर घर से स्प्रिंग-एक्टिवेटेड चाकू भी बरामद किया गया। अभियोजन पक्ष ने 20 गवाह पेश किए, जिनमें घायल भाई अनिल और प्रत्यक्षदर्शी मीनाक्षी के बयान अहम रहे। हालांकि मां कमला अदालत में अपने पहले बयान से मुकर गईं, लेकिन अदालत ने घायल गवाह अनिल की गवाही को विश्वसनीय माना।
अदालत ने बचाव पक्ष की संपत्ति विवाद में झूठा फंसाने की दलील खारिज करते हुए कहा कि गवाहों के बयानों में मामूली विरोधाभास मामले को प्रभावित नहीं करते। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में राहुल के शरीर पर आठ चोटों की पुष्टि हुई, जबकि फॉरेंसिक जांच में बरामद चाकू पर मानव रक्त मिलने से मामला और मजबूत हुआ।
अदालत ने अजय को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना), 323 (मारपीट) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया। बचाव पक्ष ने पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी तथा साफ आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देकर नरमी की मांग की, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, मामले को "रेयरेस्ट ऑफ रेयर" नहीं मानते हुए फांसी की सजा नहीं दी गई। अदालत ने 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जो मृतक के कानूनी वारिसों को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।