चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ की एक अदालत ने पंजाब कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा से जुड़े एक कथित फर्जी एआई वीडियो को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि वह वीडियो वाले संबंधित लिंक हटाए और आदेश मिलने के 72 घंटे के भीतर इस आपत्तिजनक सामग्री तक पहुंच बंद करे। यह अंतरिम आदेश 12 अगस्त को अतिरिक्त सिविल जज, सीनियर डिवीजन, चंडीगढ़ की अदालत ने खैरा की ओर से दायर सिविल केस पर दिया।
खैरा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए यह वीडियो फैलाया। शिकायत के मुताबिक, एआई तकनीक का इस्तेमाल कर खैरा के चेहरे, दाढ़ी और पगड़ी को डिजिटल तरीके से एक कृत्रिम शरीर पर लगाया गया और इसके जरिए एक फर्जी वीडियो तैयार किया गया। खैरा के वकील ने कोर्ट में कहा कि वीडियो आपत्तिजनक और मानहानि करने वाला है और इसके लगातार प्रसार से विधायक की छवि को गंभीर नुकसान हो सकता है।
मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि संबंधित सामग्री मानहानिकारक, आपत्तिजनक और एआई से तैयार की गई प्रतीत होती है। अदालत ने कहा कि वीडियो का प्रसार जारी रहने से खैरा को ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई बाद में मुश्किल होगी। इसी आधार पर मेटा, उसके एजेंट और सहयोगियों को संबंधित यूआरएल हटाने और वीडियो की पहुंच बंद करने का निर्देश दिया गया है।
सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश वकील ने कहा कि कंपनी को इस सामग्री की व्यक्तिगत जानकारी नहीं थी, लेकिन वह अदालत के आदेश का पालन करेगी। कोर्ट ने वीडियो फैलाने वाले फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाले लोगों को नए नोटिस भी जारी किए हैं। खैरा ने मेटा से इन अकाउंट्स को चलाने वाले लोगों की पहचान और सब्सक्राइबर से जुड़ी जानकारी देने की मांग भी की है। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।