चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ के जिला कलेक्टर निशान्त कुमार यादव ने शहर में ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल प्रभाव से 'ठोस कचरा प्रबंधन ऑडिट समिति' (Solid Waste Management Audit Committee) का गठन किया है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के अनुपालन में गठित यह समिति शहर में संचालित सभी कचरा प्रबंधन संयंत्रों और संबंधित गतिविधियों का हर महीने ऑडिट करेगी।
नगर निगम चंडीगढ़ के मुख्य इंजीनियर को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में नगर निगम के स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी, कार्यकारी इंजीनियर (SWM), कार्यकारी इंजीनियर (जन स्वास्थ्य) और चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति कचरा छांटने (Source Segregation), संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण, निपटान व्यवस्था तथा थोक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों द्वारा नियमों के पालन की समीक्षा करेगी और हर पखवाड़े (Fortnightly) अपनी रिपोर्ट एसडीएम (दक्षिण) को सौंपेगी।
इसके साथ ही, चंडीगढ़ नगर निगम ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 का मसौदा (Draft) तैयार किया है। इसके तहत सभी घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए चार-बिन (4-Bin) कचरा पृथक्करण प्रणाली को अपनाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। नियम न मानने या कचरा मिलाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
इस प्रणाली के तहत कचरे को चार अलग-अलग रंगों के डिब्बों में बांटना होगा:
हरा डिब्बा (Green Bin): गीले कचरे (जैसे रसोई का बचा हुआ खाना) के लिए।
नीला डिब्बा (Blue Bin): सूखे कचरे (कागज, प्लास्टिक, धातु आदि) के लिए।
काला डिब्बा (Black Bin): घरेलू खतरनाक कचरे के लिए।
लाल डिब्बा (Red Bin): बायोलॉजिकल और सैनिटरी कचरे (इस्तेमाल किए गए मास्क, दस्ताने, पट्टियां, एक्सपायर्ड दवाएं) के लिए।