चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: जून की नीलामी में उम्मीद के मुताबिक खरीदार नहीं मिलने के बाद चंडीगढ़ यूटी एस्टेट ऑफिस ने अक्टूबर में फिर 10 रिहायशी प्लॉट और प्रॉपर्टी नीलामी में रखने का फैसला किया है। इनमें आठ ऐसी संपत्तियां हैं, जिन्हें जून की नीलामी में कोई खरीदार नहीं मिला था। बाकी दो प्रॉपर्टी नई होंगी। इन संपत्तियों के लिए रिजर्व प्राइस मौजूदा कलेक्टर रेट के आधार पर ही तय किया जाएगा।
एस्टेट ऑफिस फिलहाल इन प्रॉपर्टी से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। इनमें यह जांच भी शामिल है कि संपत्तियां किसी तरह के विवाद या कर्ज से मुक्त हैं या नहीं। यूटी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछली नीलामी में प्रॉपर्टी नहीं बिकने के कारण रिजर्व प्राइस तुरंत कम नहीं किया जा सकता। नियमों के मुताबिक, संबंधित इलाके में लागू कलेक्टर रेट के आधार पर ही कीमत तय होगी।
जून में भी एस्टेट ऑफिस ने 10 रिहायशी प्लॉट और प्रॉपर्टी नीलामी के लिए रखी थीं, लेकिन इनमें से सिर्फ दो ही बिक पाईं। बाकी आठ के लिए कोई खरीदार नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, कलेक्टर रेट से जुड़े ज्यादा रिजर्व प्राइस समेत कई वजहों से नीलामी को कमजोर प्रतिक्रिया मिली थी। अब इन्हीं आठ संपत्तियों को दोबारा नीलाम किया जाएगा और दो नई प्रॉपर्टी भी शामिल की जाएंगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि अक्टूबर में त्योहारी सीजन के चलते इस बार ज्यादा खरीदार सामने आ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नीलामी के लिए संपत्तियों की पहचान पहले ही की जा चुकी है और नॉन-एन्कम्ब्रेंस की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इसमें कई विभागों से मंजूरी लेनी होती है, इसलिए एस्टेट ऑफिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर बाकी काम पूरा कर रहा है। नीलामी से पहले विज्ञापन और प्रचार की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी, रिजर्व प्राइस और नियम-शर्तें सार्वजनिक की जाएंगी।