चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: शहर के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का CBSE रिजल्ट इस बार 87.25% रहा, जो पिछले साल के 88.79% की तुलना में 1.54 प्रतिशत कम है। हालांकि गिरावट के बावजूद शहर के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत 85.2% से करीब 2 प्रतिशत बेहतर रहा। पिछले साल राष्ट्रीय स्तर पर CBSE का पास प्रतिशत 88.39% था, जिसमें इस बार 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
यूटी प्रशासन के अनुसार, इस गिरावट की वजह सख्त और competency-based evaluation system, नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत conceptual understanding पर बढ़ता जोर और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) जैसी डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई प्रणाली छात्रों की रटने की बजाय समझने की क्षमता पर अधिक ध्यान देती है।
इस साल दो सरकारी स्कूलों ने 95% से अधिक रिजल्ट दर्ज किया। इनमें Government Model Senior Secondary School, Sector 32 और Government Senior Secondary School, Manimajra Town शामिल हैं। इसके अलावा 16 स्कूलों ने 90% से ज्यादा पास प्रतिशत हासिल किया। खास बात यह रही कि 348 छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि पिछले साल यह संख्या 225 थी।
रिजल्ट में लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। 5,322 छात्राओं में से 4,819 पास हुईं, जबकि 4,933 लड़कों में से 4,169 ने परीक्षा उत्तीर्ण की। लड़कों का पास प्रतिशत 84.51% रहा, जबकि लड़कियों का 90.55% दर्ज किया गया। स्ट्रीम वाइज आंकड़ों में मेडिकल, नॉन-मेडिकल और कॉमर्स में गिरावट देखने को मिली, जबकि आर्ट्स स्ट्रीम ने सुधार करते हुए 87.94% पास प्रतिशत दर्ज किया, जो पिछले साल 86.50% था।