चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में अज्ञात शवों की पहचान और अंतिम संस्कार में हो रही देरी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एचसी अरोड़ा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करने की मांग की है।
अरोड़ा ने 9 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ के प्रशासक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कानूनी मांग नोटिस भेजा। इसमें उन्होंने कहा कि अज्ञात शव मिलने के बाद उनकी पहचान के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करने में ही कई दिन लग रहे हैं। कुछ मामलों में यह समय 18 दिन तक पहुंच गया है।
उनका कहना है कि पहचान की प्रक्रिया में देरी के कारण शवों के अंतिम संस्कार में भी अनावश्यक समय लग रहा है। उन्होंने मांग की है कि अज्ञात शव मिलने के बाद पहचान के प्रयास, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार समेत पूरी प्रक्रिया को अधिकतम सात दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
छह मामलों का दिया उदाहरण
अधिवक्ता ने अपने नोटिस में चंडीगढ़ पुलिस की ओर से समाचार पत्रों में जारी की गई छह सार्वजनिक सूचनाओं का हवाला दिया है। इन मामलों में शव मिलने और उनकी पहचान के लिए सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होने के बीच 7 से 18 दिन का अंतर पाया गया।
नोटिस के मुताबिक, 24 जनवरी को जीएमएसएच-32 के पास करीब 51 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। हालांकि, उसकी पहचान के लिए सार्वजनिक सूचना 6 फरवरी को प्रकाशित की गई। इसी तरह 6 फरवरी को मिले करीब 55 वर्षीय व्यक्ति के शव से जुड़ी पहचान सूचना 17 फरवरी को जारी की गई।
एचसी अरोड़ा ने प्रशासन और पुलिस से इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने और ऐसी प्रक्रिया बनाने की मांग की है, जिससे अज्ञात शवों की पहचान जल्द हो सके और सम्मानजनक अंतिम संस्कार में अनावश्यक देरी न हो।