चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का काम बड़े उत्साह और नियमों के साथ किया जा रहा है। शहर के प्रशासन और नागरिकों की सतर्कता के चलते ढ़ाई साल में यहां 8,646 पुराने वाहनों को कंडम किया जा चुका है, जो पंजाब, उड़ीसा और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से अधिक है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में यह आंकड़ा पेश करते हुए बताया कि वाहन स्क्रैपिंग से धातुओं का पुन: उपयोग ऑटोमोबाइल उद्योग में किया जाता है। प्रशासन के अनुसार, 15 साल या उससे अधिक पुराने वाहन अधिक प्रदूषण फैलाते हैं, इसलिए यह नीति पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण नीति के तहत वाहन स्क्रैप करने वाले नागरिकों को 30 हजार रुपये का लाभ मिलता है। इसके अलावा, नए वाहन पंजीकरण पर 25 फीसदी छूट और पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर बनाए रखने का विकल्प भी मिलता है। सरकारी विभाग भी पुरानी गाड़ियों के स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट के बिना नई गाड़ी नहीं खरीद सकते।
एक कार को कंडम करने में दो से तीन घंटे लगते हैं, जबकि एक बस को स्क्रैप करने में लगभग दो दिन। स्क्रैपिंग के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाता है जो पूरे देश में मान्य होता है। चंडीगढ़ प्रशासन शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा दे रहा है और पुराने वाहन खत्म कर प्रदूषण कम करने की दिशा में काम कर रहा है।