चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद होने से सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। पंडोह से औट तक हाईवे बंद होने की वजह से छोटे वाहन चालक भी यही मार्ग इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन कन्नौज के पास सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। इसके चलते कई यात्री खुले आसमान के नीचे रह नहीं पा रहे हैं और मजबूरन कीतरपुर-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत बनी टनलों में शरण ले रहे हैं।
जिला प्रशासन और स्थानीय संस्थाएं फंसे हुए लोगों तक भोजन और पानी पहुंचाने में जुटी हुई हैं। हणोगी माता मंदिर, बाबा बालक नाथ मंदिर पंडोह और अन्य माध्यमों से हजारों लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जय बाबा बालक नाथ कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भी लंगर व्यवस्था के जरिए लोगों की मदद की है। प्रशासन ने बताया कि पांच दिनों में 4,000 से अधिक लोगों तक भोजन और पानी वितरित किया जा चुका है।
बाबा बालक नाथ मंदिर कमेटी पंडोह के सचिव विक्रांत सैनी ने बताया कि रोजाना लगभग 800 लोगों को दाल-चावल, सब्जी-रोटी और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन वितरण सुबह 11 बजे शुरू होकर देर रात तक चलता है, ताकि हर फंसे हुए व्यक्ति तक राहत सामग्री पहुंच सके। प्रशासन की मदद से यह व्यवस्था लगातार जारी है।
हाईवे बंद होने की वजह से सैंकड़ों मालवाहक वाहन भी फंसे हुए हैं। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से फल-सब्जियां और अन्य जरूरी सामान ले जा रहे वाहन चालक अब भारी नुकसान झेल रहे हैं, क्योंकि सामान सड़ने लग गया है। दवलेंद्र सेन, गुरविंदर सिंह और राज सिंह जैसे चालक बता रहे हैं कि प्रशासन की तरफ से राहत तो दी जा रही है, लेकिन उनके माल को भारी नुकसान हुआ है।