चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में अतिक्रमण और अवैध वेंडिंग के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। वर्ष 2024 से अब तक नगर निगम ने शहर में 64,806 अतिक्रमणकारियों के चालान काटकर करीब 6.88 करोड़ रुपये वसूले हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या सड़क किनारे सामान बेचने वाले वेंडर्स की है।
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में 19,475 चालान जारी कर 2.06 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था। 2025 में कार्रवाई बढ़ी और 28,561 चालान काटकर 3.04 करोड़ रुपये की वसूली हुई। वहीं, 2026 के पहले छह महीनों में ही 16,770 चालान जारी किए जा चुके हैं, जिनसे निगम को 1.78 करोड़ रुपये मिले हैं।
जनवरी से जून 2024 के दौरान नगर निगम ने 8,846 चालान के जरिए 96.01 लाख रुपये वसूले थे। अगले साल इसी अवधि में चालान की संख्या बढ़कर 14,583 और वसूली 1.64 करोड़ रुपये हो गई। 2026 में छह महीने के दौरान 16,770 चालान काटे गए और 1.78 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
इस तरह 2024 की पहली छमाही की तुलना में 2026 में चालान से होने वाली आय करीब 82 लाख रुपये यानी 86 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं 2025 की समान अवधि के मुकाबले भी वसूली में करीब 14 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पूरे साल के आंकड़ों में भी 2024 से 2025 के बीच निगम की आय करीब 47 प्रतिशत बढ़ी।
नगर निगम की बढ़ी हुई वसूली के पीछे अतिक्रमण विरोधी अभियान को बड़ी वजह माना जा रहा है। प्रवर्तन टीमों ने सड़कों और सार्वजनिक जगहों से अस्थायी दुकानों और अनधिकृत वेंडिंग को हटाने के साथ कई ऐसे स्ट्रीट वेंडर्स को उनके निर्धारित स्थानों पर भेजा है, जो गैर-जरूरी सामान या सेवाएं दे रहे थे।
वेंडर्स की पहचान और रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से संभालने के लिए नगर निगम ने 284 स्मार्ट कार्ड भी वितरित किए हैं। इसके अलावा सेक्टर 19, सेक्टर 22 और मनीमाजरा में कोर्ट के आदेश से जुड़े स्थानों को भी वेंडर्स ने खाली किया है।
पिछले महीने निगम के वेंडर सेल ने शहर के अलग-अलग निर्धारित वेंडिंग जोन में 498 खाली साइटें पात्र वेंडर्स को आवंटित की थीं। इन साइटों का आवंटन पारदर्शी ड्रॉ के जरिए किया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निगम को 600 से अधिक वेंडर्स की श्रेणी में बदलाव कर उन्हें निर्धारित वेंडिंग जोन में जगह देने की प्रक्रिया भी पूरी करनी थी।
नगर निगम का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जगहों को खाली कराना और पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाना भी है।