चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: नई डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा के कार्यभार संभालने के बाद से चंडीगढ़ पुलिस में बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हुड्डा ने ज्वाइन करते ही शहर के सभी थानों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई थानों में प्रभारी अनुपस्थित पाए गए और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। डीजीपी ने साफ कहा कि थानों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य जनता की सुरक्षा है।
नए आदेशों के तहत अब शहर के 16 थानों के सभी प्रभारी रात 11 बजे तक थानों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, चंडीगढ़ के पांच डिवीजनों से एक-एक थाना प्रभारी को रात एक बजे तक डिवीजन के नाकों का निरीक्षण करना होगा। पांच डीएसपी थानों की निगरानी करेंगे और आदेश के अनुसार देर रात तक हर डिविजन में एक इंस्पेक्टर सक्रिय रहेगा।
31 अगस्त के बाद पुलिस विभाग ने और भी सख्ती दिखाने की योजना बनाई है। हर रात एक आइपीएस अधिकारी शहरभर की नाइट चेकिंग करेंगे और सुबह पांच बजे तक सक्रिय रहेंगे। डीजीपी हुड्डा ने ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए हैं कि बेवजह बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों को रोका न जाए। इसके साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस बल को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कामकाज में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
डीजीपी के आदेशों से पुलिस विभाग में जवाबदेही बढ़ेगी और जनता का सुरक्षा पर भरोसा मजबूत होगा। लंबे समय से लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप झेलती चंडीगढ़ पुलिस अब नए आदेशों के तहत अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनेगी। यह कदम न केवल पुलिस की छवि सुधारने में मदद करेगा, बल्कि नागरिकों को यह यकीन भी दिलाएगा कि उनकी सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा।