चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर गुरुवार से अब तक का सबसे लंबा ब्लॉक शुरू होने जा रहा है। 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तक 36 दिनों के दौरान स्टेशन की अलग-अलग लाइनें और प्लेटफॉर्म चरणबद्ध तरीके से बंद रहेंगे। रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) के स्टेशन रिडेवलपमेंट के तहत नया थ्रू-रूफ बनाने और मौजूदा फुट ओवरब्रिज (एफओबी) हटाने का काम किया जाना है। इस दौरान कुल 442 ट्रेन यात्राएं रद्द रहेंगी।
रेलवे ने स्टेशन को एक साथ पूरी तरह बंद करने के बजाय काम को तीन चरणों में बांटा है। पहले चरण में 10 से 21 सितंबर तक लाइन 6 (प्लेटफॉर्म 5), लाइन 7 और लाइन 8 (प्लेटफॉर्म 6) बंद रहेंगी। दूसरे चरण में 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक लाइन 4 (प्लेटफॉर्म 3) और लाइन 5 (प्लेटफॉर्म 4) बंद रहेंगी। तीसरे चरण में 4 से 15 अक्टूबर तक लाइन 1 (प्लेटफॉर्म 2), लाइन 2 और लाइन 3 (प्लेटफॉर्म 2) पर काम होगा।
इस ब्लॉक की वजह से दिल्ली-कालका, चंडीगढ़-अमृतसर, चंडीगढ़-फिरोजपुर, अंबाला-जालंधर सिटी, अंबाला-दिल्ली और अंबाला-कालका रूट की बड़ी संख्या में ट्रेन यात्राएं प्रभावित होंगी। कुछ ट्रेनें अंबाला कैंट तक ही चलेंगी या वहीं से शुरू होंगी, जबकि लुधियाना-अमृतसर की दो ट्रेनों को कुछ तारीखों पर सरहिंद के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए साबरमती-अमृतसर और अमृतसर-देहरादून समेत आठ लंबी दूरी की ट्रेनों को मोहाली के एसएएस नगर स्टेशन पर अस्थायी स्टॉप दिया जाएगा। इसके अलावा 76 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले जाएंगे।
रेलवे ने आरएलडीए को 36 दिनों के अंदर काम पूरा करने का निर्देश दिया है, क्योंकि त्योहारों और आने वाले व्यस्त ट्रैवल सीजन को देखते हुए ब्लॉक बढ़ाने की गुंजाइश नहीं है। चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और अंबाला से सफर करने वाले यात्रियों को घर से निकलने से पहले एनटीईएस ऐप, रेल मदद 139 या स्टेशन पूछताछ से ट्रेन की स्थिति जरूर जांचने की सलाह दी गई है। गणेशोत्सव, अनंत चतुर्दशी, पितृ पक्ष और नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान यह व्यवधान यात्रियों के लिए खास तौर पर परेशानी बढ़ा सकता है।