चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के सेक्टर 13 स्थित गवर्नमेंट मॉडल मिडिल स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने नगर निगम आयुक्त और यूटी चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर से कहा है कि मौके का निरीक्षण किया जाए। अगर बच्चों के स्कूल पहुंचने के लिए उचित सड़क नहीं मिलती है तो जरूरी सुधार किए जाएं।
यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए गंदे और कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है। याचिका के साथ कुछ तस्वीरें भी लगाई गई थीं, जिनमें स्कूल तक जाने के लिए साफ और उचित रास्ता नहीं होने का दावा किया गया। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
याचिका के मुताबिक, स्कूल के आसपास का रास्ता कच्चा, ऊबड़-खाबड़ और ढलान वाला है। इलाके में झाड़ियां बढ़ी हुई हैं, जगह-जगह कचरा जमा है और स्ट्रीट लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। आसपास अस्थायी झुग्गियां और अनधिकृत बस्तियां होने का भी दावा किया गया है। स्कूल की चारदीवारी से करीब 50 से 60 फीट की दूरी पर एक नाला होने की बात भी कही गई है। याचिका में खासतौर पर शाम की शिफ्ट से निकलने वाले बच्चों और सर्दियों के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
याचिकाकर्ता ने पहले 9 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा था। स्कूल प्रशासन ने कच्ची सड़क और नाले की मौजूदगी स्वीकार करते हुए स्ट्रीट लाइट के लिए नगर निगम को अनुरोध भेजने की जानकारी दी थी। बाद में 13 अगस्त 2026 को इंजीनियरिंग विभाग ने बताया कि संबंधित खुला इलाका नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद 2 सितंबर 2026 के निरीक्षण और तस्वीरों के आधार पर याचिकाकर्ता ने समस्याएं जारी रहने का दावा किया। याचिका में सड़क सुधार, स्ट्रीट लाइट लगाने, कचरा और झाड़ियां हटाने, नाले की सुरक्षा और रखरखाव तथा अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।