चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2025-26 में स्कूली शिक्षा के प्रदर्शन के मामले में चंडीगढ़ देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। वहीं पंजाब, केरल और दिल्ली दूसरे स्थान पर रहे हैं। यह इंडेक्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन रैंकिंग के बजाय विभिन्न ग्रेड के आधार पर करता है।
पीजीआई 2.0 को 70 संकेतकों के आधार पर तैयार किया गया है, जिनमें सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, शिक्षा तक पहुंच, बुनियादी सुविधाएं, समानता, प्रशासनिक प्रक्रियाएं तथा शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इस व्यवस्था में प्रदर्शन के आधार पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'उत्कर्ष', 'उत्तम-1', 'उत्तम-2', 'उत्तम-3', 'प्रचेष्टा' और 'आकांशी' जैसी विभिन्न श्रेणियों में रखा जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश 'उत्कर्ष', 'उत्तम-1' और 'उत्तम-2' श्रेणी हासिल नहीं कर सका। चंडीगढ़ अकेला केंद्र शासित प्रदेश रहा, जिसे 'उत्तम-3' श्रेणी में स्थान मिला। वहीं पंजाब, केरल और दिल्ली भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल रहे।
जिला स्तर पर भी सुधार दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 462 जिलों ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया, जबकि 50 जिलों ने अपनी ग्रेड श्रेणी में भी बढ़त हासिल की। वर्ष 2025-26 में 19 जिले 'उत्तम-2' श्रेणी तक पहुंचे, जो पिछले वर्ष 16 थे। इसके अलावा 'उत्तम-3' श्रेणी में जिलों की संख्या बढ़ी है, जिससे देश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।