चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग सोमवार को जब शुरू हुई, तभी विपक्ष ने जोरदार हंगामा कर दिया। हालांकि हंगामे के बीच एक अहम सहमति यह बनी कि शहर के कम्युनिटी सेंटर अब तीन कैटेगरी A, B और C में बांटे जाएंगे, जिनकी बुकिंग फीस क्रमशः 3000, 2000 और 1000 रुपए तय की गई है। खास बात यह रही कि राशन कार्डधारकों को ये सेंटर फ्री में दिए जाएंगे। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी ने कहा कि वे लंबे समय से यह मुद्दा उठा रहे थे, क्योंकि फीस बढ़ने का असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा।
बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह ने ट्यूबल ऑपरेटरों की नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और इसमें जांच होनी चाहिए। आप पार्षद सुमन शर्मा ने गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट की हालत और आउटसोर्स कर्मचारियों को निकाले जाने के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ दिखावा करती है, काम कुछ नहीं कर रही।
इन आरोपों पर मेयर हरप्रीत कौर बबला ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को इस बात से समस्या है कि चंडीगढ़ सफाई में देशभर में दूसरे नंबर पर कैसे आ गया। उन्होंने सफाई दी कि यह रैंकिंग मेहनत से मिली है, कोई सिफारिश नहीं चली। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर विकास कार्यों में अड़ंगे डालते हैं।
पिछले हफ्ते निगम अधिकारियों ने जब गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया तो वहां की हालत और भी चौकाने वाली निकली। महीनों से कचरे और कपड़ों के ढेर वैसे ही पड़े थे, मशीनें साल भर से खराब थीं, और रिसाइकिल कचरा सीधे लैंडफिल में जा रहा था। जबकि हर महीने नगर निगम इस प्लांट के संचालन के लिए कंपनी को 33 लाख रुपए देता है, बिजली-पानी का बिल भी खुद भरता है, और आरडीएफ बेचकर कमाई कंपनी कर रही है।