चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों को अब जेल या जुर्माने के बजाय सामुदायिक सेवा की सजा दी जा रही है। हाल ही में कई मामलों में लोगों को गौशाला या ओल्ड एज होम भेजा गया, ताकि वे वहां समाज के लिए काम कर सकें। इसी कड़ी में एक शराबी को अदालत ने दोषी मानते हुए इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गौशाला में चार दिन तक रोज़ाना दो घंटे सेवा करने का आदेश दिया।
43 वर्षीय राजकुमार, जो कैंबवाला का रहने वाला है, 12 जुलाई की रात पुलिस की पेट्रोलिंग टीम के हत्थे चढ़ा। वह खुले में शराब पी रहा था और पुलिस को देखकर बोतल फेंकने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने मेडिकल करवाया तो शराब पीने की पुष्टि हुई और उसके खिलाफ केस दर्ज कर अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि वह गौशाला में जाकर गायों की सेवा करे। वहां उसे झाड़ू लगाना, चारा डालना और कीटनाशक छिड़काव जैसे काम दिए गए। इसी महीने पहले भी कुछ लोगों को गौशाला और मंदिर की सफाई जैसे काम करने भेजा गया था। खास बात यह रही कि दोषियों ने सजा को गंभीरता से लिया और पूरी लगन से सेवा की।
यह पहली बार नहीं है जब अदालत ने सामुदायिक सेवा को सजा के तौर पर अपनाया हो। कुछ महीने पहले ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को भी इसी तरह चौराहों पर खड़ा कर लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का आदेश दिया गया था। जिन लोगों के खिलाफ सैकड़ों चालान लंबित थे, उनसे जुर्माना वसूलने के साथ-साथ सामुदायिक सेवा भी करवाई गई थी।