चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 अक्टूबर को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में 13 जगहों पर छापेमारी की। यह जांच एनआरआई यानी विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए आवास लोन दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी से जुड़ी है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके ये लोन हासिल किए गए थे।
ईडी की टीम ने सुबह-सुबह कार्रवाई शुरू की। यह छापेमारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की गई। जांच के तहत उन लोगों और संस्थानों से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली गई, जिन पर इस मामले में शामिल होने का संदेह है।
इस कार्रवाई में अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनशाइन इन्फ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी का मकसद कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े सबूत जुटाना और अपराध से जुड़े पैसों का पता लगाना है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में संबंधित कंपनियों की क्या भूमिका थी और कितनी रकम का लेन-देन हुआ।
छापेमारी के दौरान ईडी को कानून के तहत दस्तावेज, डिजिटल सबूत और मामले से जुड़े दूसरे सामान को अस्थायी रूप से जब्त करने का अधिकार है, अगर उन्हें अपराध से हुई कमाई से जुड़ा माना जाता है। फिलहाल एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और एनआरआई हाउसिंग लोन से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल लोगों और कंपनियों की भूमिका को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।