चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ पुलिस ने 29 जुलाई को गौशाला चौक पर हुए प्रदर्शन के मामले में विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के 16 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला सेक्टर-49 थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान करीब 2,500 से 3,000 समर्थक गौशाला चौक पर एकत्र हुए और सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे थे। उनके हाथों में अमृतपाल सिंह के पोस्टर थे और वे नारेबाजी कर रहे थे।
एफआईआर में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बताया था कि क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है और उन्हें अनुमति लेकर सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की अपील नहीं मानी और नेताओं के कहने पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की।
पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारी तलवार, कुल्हाड़ी, डंडे और अन्य धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला किया, बैरिकेड तोड़े और शहर की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अनुमति से पुलिस ने हल्का बल प्रयोग और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया।
एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ पुलिस के वाटर कैनन वाहन को भी नुकसान पहुंचाया और उसके चालक के साथ मारपीट की। इस दौरान एएसआई गुरजीत सिंह के हाथ में चोट आई, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आईं।
एफआईआर में विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, सतिंदरजीत सिंह गिल, कबल सिंह भुल्लर, जगदीप सिंह कंसाला, इकबाल सिंह संधू, परमजीत सिंह जौहल, अजीब सिंह मखमैलपुर, चमकौर सिंह धुन्न, ईमान सिंह खारा, जसविंदर सिंह द्रोली, इकबाल सिंह चुंडा, कर्नैल सिंह पंजोली, लखा सिधाना, भाना सिद्धू और लखवीर सिंह लखा को नामजद किया गया है। मामले की जांच सेक्टर-49 थाने के सब-इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह को सौंपी गई है।