चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के राज्यपाल के आवास की ओर कौमी इंसाफ मोर्चा के मार्च के एक दिन बाद रविवार को चंडीगढ़ में चार एफआईआर दर्ज की गईं। मोर्चा और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के दौरान शहर में करीब डेढ़ घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-51/52 की डिवाइडिंग रोड पर रास्ता बंद कर पुलिस बैरिकेड हटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के पास पोस्टर के साथ तलवार, कुल्हाड़ी, भाले और अन्य हथियार भी थे। वे सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे।
मुख्य एफआईआर सेक्टर-36 थाने में आर्म्स एक्ट, बीएनएस की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े कानून के तहत दर्ज की गई। इसमें गुरचरण सिंह, जो जगतार सिंह हवारा के पिता हैं, के अलावा भाना सिद्धू, लाखा सिधाना, गुरदीप बठिंडा और किसान नेता सुखजिंदर सिंह खोसा समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड को ट्रैक्टर से बांधकर खींचने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया। हालात संभालने के लिए पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े और ड्रोन के जरिए भी आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
दूसरी एफआईआर सेक्टर-3 थाने में बीएनएस की धारा 223 के तहत दर्ज हुई। इसमें पूर्व सांसद ईमान सिंह मान के बेटे समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिन्हें राज्यपाल आवास के पास सेक्टर-6 से गिरफ्तार किया गया था। इसी थाने में पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान और तीन अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि सिमरनजीत सिंह मान मरीज का भेष बनाकर और शरीर पर पट्टियां बांधकर एंबुलेंस से राज्यपाल आवास तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
चौथी एफआईआर सेक्टर-26 थाने में दर्ज की गई। इसमें मोर्चा से जुड़े नौ लोगों की गिरफ्तारी का जिक्र है, जिन्हें सेक्टर-7/8 की डिवाइडिंग रोड के पास पकड़ा गया। उनके पास से चार तलवारें बरामद होने की बात कही गई है। इस पूरे घटनाक्रम का असर शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ा। मोहाली, जीरकपुर और न्यू चंडीगढ़ से लगने वाली सीमाएं सील कर दी गई थीं, जबकि आईएसबीटी-43 से सेक्टर-6 स्थित राज्यपाल आवास की ओर जाने वाली कई सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई। सेक्टर-56 के मैक्स अस्पताल रोड से सेक्टर-48/49 तक कई रास्ते बंद रहे। सोशल मीडिया पर लोगों ने भारी जाम की शिकायत की और कई जगह एंबुलेंस भी जाम में फंसी दिखाई दीं।