चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: ब्रिटिश डिप्लोमैट कैरोलिन रोवेट के दिल के बेहद करीब रहे स्ट्रीट डॉग्स ‘शिमला’ और ‘सुला’ अब इंग्लैंड की सैर पर निकल पड़े हैं। चंडीगढ़ की गलियों में आवारा घूमने वाले ये दोनों कुत्ते अब ब्रिटेन की ठंडी फिजाओं में कैरोलिन और उनके पति के साथ जिंदगी बिताएंगे। कैरोलिन, जो फरवरी 2021 से ब्रिटिश उप उच्चायुक्त के तौर पर चंडीगढ़ में तैनात थीं, रिटायरमेंट के बाद इन दोनों को साथ लेकर अपने देश लौट गईं।
‘शिमला’ को उन्होंने सीएलटीए मैदान से और ‘सुला’ को हयात रीजेंसी की पार्किंग से गोद लिया था। सुला की हालत उस वक्त बेहद खराब थी, चर्म रोग से ग्रसित था। लेकिन इलाज और देखभाल के बाद दोनों उनके जीवन का हिस्सा बन गए। शिमला का नाम उन्होंने ब्रिटिश राज की 'गर्मी की राजधानी' शिमला के नाम पर रखा और सुला, उनकी पसंदीदा भारतीय वाइन के नाम पर। ये दोनों उनके अकेलेपन को दूर करते और उन्हें भावनात्मक सहारा देते।
इन दोनों को इंग्लैंड ले जाने की तैयारी आठ महीने पहले शुरू हुई थी। दोनों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए, माइक्रोचिप्स फिट कराई गईं और उनके लिए विशेष बड़े लोहे के पिंजरे बनवाए गए, जिनमें वे आराम से बैठ या खड़े हो सकें। कैरोलिन ने बताया कि उन्हें इन जानवरों से इतना लगाव हो गया था कि वे इन्हें पीछे छोड़कर नहीं जा सकती थीं।
घर पर इन दोनों की देखरेख करने वाली केयरटेकर सुनीता विदाई के वक्त भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि दोनों कुत्ते कैरोलिन के घर लौटने तक गेट पर टकटकी लगाए बैठे रहते थे। कैरोलिन भी उन्हें देखकर अक्सर कहती थीं – "ये दोनों मेरी थकान की सबसे बड़ी दवा हैं।" शिमला और सुला अब सिर्फ पालतू जानवर नहीं, एक यादगार रिश्ते की मिसाल बन चुके हैं।