चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। महज आधे घंटे की मूसलाधार बारिश से कई सड़कें और निचले इलाके पानी में डूब गए, जिससे सुबह के व्यस्त समय में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और पार्किंग क्षेत्रों में पानी भर गया। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और अन्य यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
बार-बार किए गए दावों के बावजूद नगर निगम की मानसून तैयारियां नाकाफी साबित हुईं। नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बावजूद कई इलाकों में बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा। कई जगह स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज ठीक से काम नहीं करने के कारण थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सुबह 8:47 बजे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग ने अगले दो से तीन घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी।
बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। यह हरियाणा में सबसे कम और पंजाब में पठानकोट के बाद दूसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। ऐसे में शहर में फिर से भारी बारिश, जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।