चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब की जेलों में कैदियों को अब कंप्यूटर, तकनीकी और उद्योग से जुड़े कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने 11 जेलों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के ऑफ-कैंपस स्थापित किए हैं, जहां कैदी कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, वुड वर्क तकनीशियन, इलेक्ट्रिशियन समेत अन्य तकनीकी कौशल सीख सकेंगे। यह प्रशिक्षण 1 सितंबर से शुरू होगा और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राज्य ने इसे लागू किया है। इसका उद्देश्य कैदियों को रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में रोजगार योग्य बनाना है।
इस योजना के तहत जेलों में क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, वर्क स्टेशन और आधुनिक टूल व मशीनरी स्थापित की जा रही हैं। प्रशिक्षण में आईटी व डिजिटल साक्षरता, डेटा एंट्री, कार्यालय स्वचालन और संबंधित ट्रेडों की ट्रेनिंग शामिल होगी। इसके लिए योग्य आईटीआई फैकल्टी, गेस्ट ट्रेनर और प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर की सेवाओं का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
हर साल लगभग 5 हजार कैदियों को कौशल प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में पंजाब की 24 जेलों में 35,000 कैदी बंद हैं, जिनमें से अधिकांश रिहाई के बाद रोजगार के अवसरों से वंचित रहते हैं। इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए राज्यस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें जेल प्रशासन, तकनीकी शिक्षा विभाग और स्किल डेवलपमेंट मिशन के अधिकारी शामिल हैं।
प्रत्येक जेल में अलग-अलग कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, सेंट्रल जेल पटियाला में वेल्डर व इलेक्ट्रिशियन, कपूरथला में प्लंबर व वेल्डर, श्री गोइंदवाल साहिब में वेल्डर, कंप्यूटर ऑपरेटर व प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, फरीदकोट में वुड वर्क तकनीशियन व सिलाई तकनीक, लुधियाना में वुड वर्क तकनीशियन व बेकर एंड कंफेक्शनर, महिला जेल लुधियाना में सिलाई तकनीक व कॉस्मेटोलॉजी आदि कोर्स शुरू किए जाएंगे।