चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (उगराहां गुट) की करीब 25 हजार किसानों की रैली के कारण हजारों यात्रियों, स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर-34 प्रदर्शनी मैदान से शुरू हुई रैली मटका चौक तक गई और फिर वापस लौटी, जिसके चलते मध्य मार्ग समेत सेक्टर-17 और सेक्टर-34 के आसपास की प्रमुख सड़कें घंटों जाम रहीं।
रैली ऐसे समय निकाली गई जब शहर में रातभर हुई 90 मिमी बारिश के कारण कई सड़कें पहले से ही जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रही थीं। किसानों के काफिले में 100 से अधिक बसें, ट्रैक्टर, एसयूवी और अन्य वाहन शामिल थे, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। पुलिस ने डायवर्जन और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन भारी भीड़ के सामने ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
सुबह करीब 10 बजे से किसानों के जुटने के साथ ही यातायात प्रभावित होना शुरू हो गया। किसानों के मटका चौक की ओर बढ़ने पर पुलिस ने कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी और दोपहर करीब 3 बजे तक वाहनों की आवाजाही को आंशिक रूप से रोका गया। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर 1 से 2 बजे के बीच स्कूलों की छुट्टी के समय देखने को मिली, जब कई स्कूल बसें घंटों जाम में फंसी रहीं।
रैली के कारण लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के बीचोंबीच इतनी बड़ी रैली की अनुमति देने से आम लोगों को अनावश्यक परेशानी हुई। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली को अनुमति दी गई थी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन इतने बड़े काफिले को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा।