चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पीजीआई में साल 2019 में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की मुख्य आरोपी एबम देवी के खिलाफ जिला अदालत ने एक बार फिर गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मणिपुर की रहने वाली एबम देवी पिछले सप्ताह सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हुई थी। इसके बाद अदालत ने उसे जमानत देने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी किया है। अब जमानतदार के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस ने एबम देवी को करीब सात साल पहले गिरफ्तार किया था। पिछले साल उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन इसके बाद से वह अदालत में पेश नहीं हुई। उसे कई बार समन भेजे गए, फिर भी वह सुनवाई में शामिल नहीं हुई। अब अदालत ने उसकी गैरमौजूदगी को देखते हुए दोबारा गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं।
गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर करवाते थे किडनी दान
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी दान करवाते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे। एबम देवी ने भी शुरुआत में ढाई लाख रुपये लेकर अपनी किडनी दान की थी। इसके बाद वह खुद इस गिरोह में शामिल हो गई।
आरोप है कि एबम ने मणिपुर की एक महिला को चंडीगढ़ में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाया था। इसके बाद उसकी किडनी किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसप्लांट कराने की साजिश रची गई। इस प्रक्रिया के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए थे।
ढाई लाख रुपये लेकर रची थी किडनी ट्रांसप्लांट की साजिश
पुलिस के अनुसार, इस काम के बदले एबम देवी ने ढाई लाख रुपये लिए थे। मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, गिरोह के बाकी साथी फरार हो गए थे। अब एबम के लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं।