चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में रविवार सुबह लोगों की आंख खुली तो आसमान में बादल छाए हुए थे और हवा में ठंडक महसूस हो रही थी। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से शहर में बारिश हुई, जिससे दिन के तापमान में करीब छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सेक्टर-39 स्थित केंद्र के मुताबिक, रविवार को कुल 14.4 मिमी बारिश हुई। इसके बाद अधिकतम तापमान शनिवार के 31.2 डिग्री से गिरकर 25.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से छह डिग्री कम है। इस सीजन में 28 सितंबर के बाद यह सबसे कम अधिकतम तापमान है। उस दिन तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया था।
वहीं, रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। न्यूनतम तापमान शनिवार के 23.2 डिग्री से बढ़कर रविवार को 23.6 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से चार डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रात में बादल छाए रहने के कारण न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। आईएमडी चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि सुबह से ही आसमान में बादल थे, जिसके चलते धूप नहीं निकली। लगातार बारिश ने भी तापमान को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बारिश के बाद शहर में ठंडी हवाएं चलीं।
पूरे हफ्ते बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, इस सप्ताह भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बुधवार के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके असर से गुरुवार को बारिश हो सकती है। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। ऐसे में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने की उम्मीद है।
बारिश से हवा भी हुई साफ
बारिश और हवा चलने से चंडीगढ़ की वायु गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 6 अक्टूबर को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 102 तक पहुंच गया था, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा गया था। इस सीजन में पहली बार हवा की गुणवत्ता इस स्तर पर पहुंची थी। 7 अक्टूबर और फिर रविवार को हुई बारिश के बाद एक्यूआई सुधरकर 42 पर आ गया, जो अच्छी श्रेणी में आता है। प्रदूषण बोर्ड के मुताबिक, मध्यम स्तर की हवा अस्थमा और फेफड़ों या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सांस लेने में परेशानी दे सकती है, जबकि अच्छी श्रेणी की हवा से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ता।