चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट मंगलवार को पहली बार राज्य पहुंच रहे हैं और इसी दिन पार्टी ने सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी की है। कांग्रेस कार्यकर्ता सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर तक मार्च निकालेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पंजाब के अलग-अलग जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
प्रशासन ने प्रदर्शन वाली जगह के साथ मार्च के संभावित रूट पर भी सुरक्षा का घेरा मजबूत किया है। कांग्रेस भवन से करीब एक किलोमीटर पहले ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। चंडीगढ़ पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल भी मौके पर मौजूद रहेंगे। हालात बिगड़ने की स्थिति में इस्तेमाल के लिए वाटर कैनन समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं। कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ का असर सेक्टर-15 और आसपास की सड़कों पर भी दिखने लगा है।
बताया जा रहा है कि सचिन पायलट करीब 11:30 बजे पंजाब कांग्रेस भवन पहुंच सकते हैं। प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस गुलजार सिंह मामले को लेकर हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। पार्टी की मांग है कि उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया जाए, गिरफ्तार किया जाए और मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
गौरतलब है कि 8 सितंबर को भी कांग्रेस ने चंडीगढ़ में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसमें राजा वड़िंग समेत 150 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। इस बार सचिन पायलट की मौजूदगी ने प्रदर्शन को और राजनीतिक महत्व दे दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। एक ही मंच पर पार्टी के बड़े नेताओं की मौजूदगी से कांग्रेस के अंदर की सक्रियता, अलग-अलग गुटों की ताकत और आने वाले चुनाव की रणनीति भी सामने आ सकती है।