ताजा खबर

सीरियल किलर मोनू कुमार तीसरे रेप-मर्डर केस में भी दोषी, 60 साल की महिला की हत्या का मामला

Photo Source : Google

Posted On:Tuesday, September 15, 2026

चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: रेप और हत्या के दो मामलों में पहले से उम्रकैद की सजा काट रहे सीरियल किलर कैब ड्राइवर मोनू कुमार को अब तीसरे मामले में भी दोषी करार दिया गया है। 40 वर्षीय मोनू को 60 साल की महिला से रेप और उसकी हत्या के मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को दोषी माना। महिला का शव फरवरी 2024 में सेक्टर-54 में एक सरकारी स्कूल के पास जंगलनुमा इलाके में मिला था। कोर्ट ने उसे आईपीसी की धारा 302 और 376-ई के तहत दोषी ठहराया है। सजा कितनी होगी, इसका फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा।

मामला 27 फरवरी 2024 का है। उत्तर प्रदेश की रहने वाली 60 वर्षीय महिला घटना से करीब दो महीने पहले ही शहर आई थी और पिछले 10-15 दिनों से उसकी तबीयत भी खराब थी। उस दिन शाम करीब 6:30 बजे उसका पति काम से घर लौटा तो वह घर पर नहीं मिली। काफी तलाश के बाद अगले दिन उसने मोहाली के थाने में डीडीआर दर्ज कराई। 28 फरवरी को उसे सेक्टर-54 के सरकारी स्कूल के पास महिला का शव मिलने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर उसने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मोनू कुमार पहले से ही एक दूसरे रेप-मर्डर केस में जेल में था। पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ में 60 वर्षीय महिला की हत्या और उसकी चांदी की पायल चोरी करने की बात कबूल की थी। इसके बाद घटनास्थल से मिले डीएनए सैंपल जांच के लिए सीएफएसएल भेजे गए, जहां इनका मिलान मोनू के डीएनए से हुआ। मोनू ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है, जबकि अभियोजन पक्ष ने डीएनए और दूसरे सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ मामला साबित होने की बात कही।

मोनू के खिलाफ इससे पहले दो रेप-मर्डर के मामले साबित हो चुके हैं। 30 जुलाई 2010 को सेक्टर-38 वेस्ट में 21 साल की एमबीए छात्रा की हत्या और रेप के मामले में उसे नवंबर 2025 में उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा मिली थी। वहीं, जनवरी 2022 में मलोया की 40 वर्षीय महिला की रेप के बाद हत्या के मामले में 21 अगस्त 2026 को उसे उम्रकैद सुनाई गई थी। इस मामले में उस पर 7 लाख रुपये का जुर्माना और धारा 376-ई के तहत 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने उस मामले में अपराध को बेहद गंभीर माना था, लेकिन इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ नहीं मानते हुए मौत की सजा नहीं दी थी।


चण्डीगढ़ और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. chandigarhvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.