चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव और जल निकासी व्यवस्था की बदहाली को लेकर नगर निगम (MC) की जनरल हाउस बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। बैठक में दलीय राजनीति से ऊपर उठकर सभी पार्षदों ने नागरिक अधिकारियों की ढिलाई और "सुस्त" रवैये पर कड़े सवाल उठाए।
मेयर सौरभ जोशी और नगर निगम आयुक्त अमित कुमार शर्मा ने अधिकारियों और क्विक रिएक्शन टीमों (QRT) की विफलता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मेयर ने तंज कसते हुए कहा कि जब पानी उतर गया, तब अधिकारी मौके पर जाकर सेल्फी ले रहे थे। ट्रैफिक जाम को बहाना बनाने पर नगर आयुक्त ने कहा कि अधिकारियों को तुरंत दूसरे कर्मचारियों को मौके पर भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
बैठक के प्रमुख बिंदु
मानसूनी तैयारियों पर सवाल: मानसून पूर्व नालियों और रोड गल्लियों की सफाई के लिए आवंटित करोड़ों रुपये के बजट और उनकी सफाई की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए गए।
अधिकारियों पर कार्रवाई: अपने कर्तव्यों का पालन न करने के आरोप में एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक एसडीओ (SDO) को उनके अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
मशीनरी की कमी: बैठक में जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक जेटिंग-सह-सक्शन और सुपर-सक्शन मशीनों की भारी कमी का मुद्दा उठा। पार्षदों ने शिकायत की कि ज़रूरत के समय ये मशीनें उपलब्ध नहीं होतीं।
एन-चो (N-Choe) की सफाई: मेयर ने प्रशासन से एन-चोई की गाद (desilting) निकालने के लिए कदम उठाने को कहा और घोषणा की कि अगली बैठक में अतिरिक्त जेटिंग मशीनें प्रदान करने का अलग एजेंडा लाया जाएगा।