चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में लगातार हो रही बारिश और हिमाचल प्रदेश में तेज़ बरसात के असर से सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। बुधवार को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीजन में पहली बार फ्लड गेट खोल दिए गए। इससे पहले प्रशासन ने सायरन बजाकर आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क किया। तेज बारिश के साथ कैचमेंट एरिया से मिट्टी और गाद का बहाव भी बढ़ गया, जिससे पानी का स्तर तेजी से ऊपर चढ़ गया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस समय पानी का स्तर 1163 फीट है, जो तय सीमा से अधिक है। जैसे ही यह 1162 फीट तक घटेगा, फ्लड गेट बंद कर दिए जाएंगे। खोला गया पानी डेराबसी होते हुए घग्गर नदी में मिल जाएगा। इसे देखते हुए मोहाली प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे सुखना लेक और अन्य जल स्रोतों से दूरी बनाए रखें और निचले इलाकों में सतर्क रहें।
प्रशासन का कहना है कि लेक के फ्लड गेट तभी खोले जाते हैं, जब पानी का स्तर तय सीमा को पार कर जाता है। फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिन तक तेज बारिश की संभावना जताई है। इस वजह से चंडीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी है और आपदा प्रबंधन टीम स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
बुधवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। इस मानसून सीजन में अब तक कुल 505.3 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में पानी के स्तर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।