चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में 1 से 3 अप्रैल तक शराब के ठेके बंद रखने के हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने ठेकों की अलॉटमेंट प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं के आधार पर यह रोक लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ठेके बंद करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया था। अब 3 अप्रैल तक शराब की दुकानें पहले की तरह खुली रहेंगी। हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी, जहां ठेकों की टेंडर प्रक्रिया की वैधता पर चर्चा होगी।
दरअसल, इस बार ठेकों की अलॉटमेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें आरोप लगाए गए कि चंडीगढ़ के 97 में से 91 ठेके एक ही समूह को दे दिए गए। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर कहा कि यह पूरी प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण और पक्षपातपूर्ण थी। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 3 अप्रैल तक ठेके बंद रखने का आदेश दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह रोक हटा दी गई है।
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि शराब व्यापार पर एक ही समूह का नियंत्रण बनाने के लिए नीति के नियमों को दरकिनार किया गया। नियम के अनुसार, किसी भी व्यक्ति, फर्म या कंपनी को 10 से अधिक दुकानें नहीं दी जा सकती थीं, लेकिन प्रशासन ने इस नियम का उल्लंघन कर एक समूह को कई ठेके अलॉट कर दिए। याचिकाकर्ताओं ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।