चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंद्रह साल पुराने एमबीए छात्रा हत्याकांड की सुनवाई आखिर अब अपने आख़िरी दौर में पहुंच गई है। चंडीगढ़ की जिला अदालत में इस मामले को लेकर बहस लगभग पूरी हो चुकी है और अब फैसला किसी भी समय आ सकता है। गुरुवार को हुई सुनवाई में अदालत ने आरोपी मोनू कुमार पर दुष्कर्म और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं को सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब कोर्ट 26 नवंबर को अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी। पीड़ित परिवार इतने वर्षों से इसी दिन का इंतज़ार कर रहा था।
यह मामला साल 2010 का है, जब सेक्टर-38 में 21 वर्षीय एमबीए छात्रा का शव मिला था। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया था कि हत्या से पहले छात्रा के साथ दुष्कर्म भी हुआ था। पुलिस ने कई साल तक हर सुराग की तलाश की, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया। लंबे इंतजार के बाद पिछले साल पुलिस को बड़ी सफलता मिली और शाहपुर कॉलोनी, डड्डूमाजरा के रहने वाले मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि मोनू ने ही छात्रा की हत्या की और इतने सालों तक पुलिस की पकड़ से बचता रहा। इस गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले दावे सामने आए। पुलिस ने आरोप लगाया कि छात्रा की हत्या से जुड़ा यह मामला अकेला नहीं है, बल्कि मोनू दो और महिलाओं की हत्या में भी शामिल रहा है। इससे पूरा केस और गंभीर हो गया।
इन दोनों अतिरिक्त मामलों की सुनवाई भी जिला अदालत में चल रही है। अब सबकी निगाहें 26 नवंबर पर टिकी हैं, जब 15 साल पुराने इस बहुचर्चित केस पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी। परिवार को उम्मीद है कि इतने लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिलेगा।