चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को पहली बार चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी का दौरा किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिंदगी में असफलताएं आती रहती हैं, लेकिन इनसे हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद आगे बढ़ने के लिए मानसिक मजबूती बेहद जरूरी है। राधाकृष्णन ने कहा, “फेलियर जिंदगी का हिस्सा है। मैं भी कई बार असफल हुआ हूं। कई बार इसकी वजह मेरी कोशिश नहीं, बल्कि किसी और की कोशिश रही है।”
मनीष तिवारी का जिक्र कर बोले- हर किसी को झेलना पड़ता है बैकस्टैब
राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में बैकस्टैबिंग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह हर जगह होती है और हर व्यक्ति को कभी न कभी इसका सामना करना पड़ता है। चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “आप मनीष तिवारी जी से पूछिए, उन्होंने अपने करियर में कितने बैकस्टैब झेले हैं।” उन्होंने कहा कि मंच पर बैठे हर व्यक्ति, जिसमें वह खुद भी शामिल हैं, इस तरह के अनुभव से गुजर चुका है। उन्होंने कहा कि इन चीजों के बावजूद जिंदगी में आगे बढ़ना जरूरी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ हफ्ते पहले मनीष तिवारी को कांग्रेस की नई पंजाब संगठन और चुनाव समितियों में जगह नहीं मिली थी। इसके बाद पार्टी में उनकी स्थिति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। तिवारी ने भी सोशल मीडिया पर “व्यक्तियों और संस्थानों की असुरक्षा” को लेकर एक रहस्यमयी पोस्ट किया था।
कैंपस की सुरक्षा पर रहेगा फोकस, छात्रों की सेफ्टी सबसे बड़ी प्राथमिकता
पंजाब यूनिवर्सिटी में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और टेक इनोवेशन फोरम का उद्घाटन करने पहुंचे राधाकृष्णन ने कैंपस की सुरक्षा को लेकर भी बात की। उन्होंने 29 जुलाई को कैंपस में एक पीएचडी छात्र की करंट लगने से हुई मौत का जिक्र करते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने यूनिवर्सिटी अधिकारियों को पूरे कैंपस का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने और जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए एक इंटरनल कमेटी भी बनाई गई है, जो मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट देगी। राधाकृष्णन ने साफ कहा कि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा और उनका कल्याण यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
रिसर्च के आइडिया कैंपस तक सीमित न रहें, नशे से दूर रहने की अपील
रिसर्च और इनोवेशन पर बात करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि भारत के विकसित देश बनने के लक्ष्य को देखते हुए यूनिवर्सिटी की रिसर्च को राष्ट्रीय जरूरतों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्लासरूम और लैब से निकलने वाले आइडिया सिर्फ संस्थानों की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें दुनिया तक पहुंचना चाहिए, ताकि युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हों और विकसित भारत बनाने में योगदान मिले। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी को दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज में शामिल करने को अपना लक्ष्य बताया और सभी से सुझाव मांगे। चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी ने भी क्षेत्र में सेमीकंडक्टर रिसर्च और रोबोटिक्स पर फोकस करने वाली पूरी तरह फंडेड सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ है। वहीं, राधाकृष्णन ने छात्रों से ड्रग्स से दूर रहने और परिवार व दोस्तों को भी नशे से बचाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंसान के दिमाग पर किसी और चीज का नियंत्रण नहीं होना चाहिए और देश को “नशा मुक्त भारत” बनाने में सभी को योगदान देना चाहिए। करीब दो घंटे से ज्यादा समय कैंपस में बिताने के दौरान राधाकृष्णन छात्रों से बातचीत करते भी नजर आए।