चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। शनिवार सुबह से एसआईटी और विजिलेंस की टीम ने मजीठिया के चंडीगढ़ स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है। इस कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में फिर से हलचल मचा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के सैनिक फार्म इलाके में स्थित एक हाई-प्रोफाइल संपत्ति पर भी विजिलेंस ने रेड डाली है। माना जा रहा है कि यह संपत्ति बिक्रम मजीठिया की कथित बेनामी संपत्तियों में से है, जिसकी कीमत 150 से 200 करोड़ रुपये आंकी गई है। छापेमारी के दौरान टेक्निकल टीमें भी मौजूद रहीं, ताकि डिजिटल सबूत और दस्तावेजों को जब्त किया जा सके।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां मजीठिया और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों की गहन पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी से जुड़े पैसों की हेराफेरी में इन कंपनियों की भूमिका की जांच हो रही है। गवाहों के बयानों के आधार पर हो रही इस कार्रवाई का मकसद कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को उजागर करना है। हालांकि, अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इस बीच, बिक्रम मजीठिया की न्यायिक हिरासत भी 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी। मजीठिया फिलहाल धन शोधन के आरोप में हिरासत में हैं और उन पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।