चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: “चंडीगढ़ एक छोटा शहर है, इसलिए यहां के लोगों को बार-बार अपने रेस्टोरेंट और बार में लाना आसान नहीं है,” यह कहना है वीटीसी ग्रुप के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अक्षय वर्मा का। चंडीगढ़ की यह हॉस्पिटैलिटी कंपनी रूफटॉप बार टुलम, पैन-एशियन रेस्टोरेंट टिन टिन और पूरे दिन खुले रहने वाले कैफे टुबू को चलाती है। हाल ही में अक्षय ने इटैलियन रेस्टोरेंट ट्रेमर शुरू किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने पुराने बार द बैक रूम को नया रूप देकर रेट्रो स्टाइल के कॉकटेल लाउंज में बदल दिया है।
द बैक रूम की खासियत इसका अलग अंदाज है। यहां कॉकटेल बनाने के लिए न तो शेकर चलाने का नजारा दिखेगा और न ही बार काउंटर के पीछे ड्रिंक तैयार करने का कोई खास प्रदर्शन होगा। यह पूरी तरह ‘पोर-ओनली’ बार है, यानी पहले से तय रेसिपी के हिसाब से तैयार कॉकटेल सीधे ग्लास में सर्व किए जाते हैं।
इन ड्रिंक्स को बनाने में फैट-वॉशिंग, क्रायो-फिल्ट्रेशन और लंबे समय तक इन्फ्यूजन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। हर कॉकटेल को तय रेसिपी और सही मात्रा के हिसाब से पहले ही तैयार कर लिया जाता है, ताकि सर्व करते समय उसके स्वाद में एक जैसी क्वालिटी बनी रहे।
चंडीगढ़ में बार कल्चर अब तक काफी हद तक व्हिस्की और बीयर के इर्द-गिर्द रहा है। ऐसे में द बैक रूम का यह नया कॉन्सेप्ट एक अलग तरह का प्रयोग माना जा रहा है। शहर के लोगों की पसंद को देखते हुए इस तरह के कॉकटेल लाउंज को चलाना एक चुनौती भी है और एक बड़ा दांव भी।