चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब के तरनतारन की एक महिला और उसके पांच रिश्तेदारों के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेता अमरिंदर सिंह मंडोफल से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि महिला ने खुद को पंजाब सिविल सर्विसेज (पीसीएस) अधिकारी बताया और अपनी पहली शादी की बात छिपाकर अमरिंदर से शादी की। 33 वर्षीय अमरिंदर सिंह मंडोफल पंजाब में आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव, जिला परिषद सदस्य और सरहिंद मार्केट कमेटी के चेयरमैन हैं। दोनों की शादी 10 फरवरी को हुई थी, जिसमें पंजाब विधानसभा स्पीकर और आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता भी शामिल हुए थे।
एफआईआर के मुताबिक, महिला ने दावा किया था कि वह जालंधर में एग्जीक्यूटिव पीसीएस अधिकारी के पद पर तैनात है और बाद में उसने कहा कि उसे मोहाली में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर का चार्ज दिया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी सरकारी डिप्लॉयमेंट ऑर्डर भी भेजे और इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर खुद को पीसीएस अधिकारी बताया। उसके परिवार ने कथित तौर पर तरनतारन में 40 एकड़ जमीन होने की बात कही थी और यह भी बताया था कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।
शिकायत के अनुसार, महिला बार-बार सरकारी ड्यूटी का हवाला देकर घर से बाहर जाने लगी और बाद में उसने खुद के सस्पेंड होने की बात कही। 27 अगस्त को वह कथित तौर पर घर से 14 तोले सोने की ज्वेलरी और 1 लाख रुपये कैश लेकर चली गई। इसके बाद अमरिंदर ने जब उसके बारे में जानकारी जुटाई तो आरोप है कि महिला के 10वीं के सर्टिफिकेट, पैन कार्ड और दूसरे दस्तावेजों में भी फर्जीवाड़ा मिला। शिकायत में कहा गया है कि दस्तावेजों में उसकी जन्मतिथि 18 जून 1992 दिखाई गई, जबकि आरोप के मुताबिक उसकी असली जन्मतिथि 18 जून 1980 है।
अमरिंदर ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की 2007 में किसी दूसरे व्यक्ति से शादी हुई थी और उसका 18 साल का एक बेटा है। शिकायत के मुताबिक, उस शादी के बाद 35 लाख रुपये में आउट-ऑफ-कोर्ट तलाक समझौता हुआ था, जिसकी जानकारी अमरिंदर से शादी से पहले छिपाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला के परिवार ने 50 लाख रुपये का समझौता न करने पर दहेज और घरेलू हिंसा के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। एसएचओ इंस्पेक्टर रुपिंदर सिंह के मुताबिक, एफआईआर नंबर 240 में बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी महिला के अलावा उसके भाई, मां, भाभी, एक कजिन और पूर्व गांव सरपंच शामिल हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस जांच कर रही है।