मुंबई, 03 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के थाईलैंड दौरे पर पहुंचे हैं। यहां पर उन्होंने थाईलैंड की पीएम पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। सबसे पहले पीएम मोदी ने 28 मार्च को भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने भारत और थाईलैंड के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि सदियों पुराने संबंध हमारी गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कड़ियों से जुड़े हैं। बौद्ध धर्म के प्रसार ने हमारे लोगों को जोड़ा है। रामायण की कहानियां थाई लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इससे पहले थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचकर पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद थाई रामायण का मंचन देखा। यहां रामायण को रामाकेन कहा जाता है। इसके बाद PM मोदी ने थाईलैंड की पीएम पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा (38) से द्विपक्षीय मुलाकात की। वे दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री हैं। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने व्यापारिक संबंधों पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम शिनवात्रा ने मुझे त्रिपिटक भेंट किया। ‘बुद्ध भूमि’ भारत की ओर से, मैंने इसे श्रद्धा पूर्वक स्वीकार किया। पिछले साल भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भारत से थाईलैंड भेजे गए थे। मैं यह घोषणा करते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं कि गुजरात के अरावली में 1960 में मिले भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भी थाईलैंड भेजे जाएंगे। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हमारे इंडो पेसिफिक विजन में थाईलैंड का खास योगदान है। आज हमने अपने संबंधों को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का रूप देने का फैसला किया है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच स्ट्रैटजिक डायलॉग स्थापित करने पर चर्चा की गई। साइबर क्राइम के शिकार भारतीयों को वापस भारत भेजने में थाईलैंड सरकार से मिले सहयोग के लिए थाईलैंड सरकार का शुक्रिया। हमारी एजेंसी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और अवैध माइग्रेशन के खिलाफ एकजुट होकर काम करेगी। उत्तर पूर्वी राज्यों और थाईलैंड के बीच टूरिज्म, कल्चर, एजुकेशन आदि क्षेत्रों में सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों देशों के बीच MSME, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट में सहयोग के लिए समझौता हुआ है। रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ई-व्हीकल्स, रोबोटिक्स, स्पेस, बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्ट अप में सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया गया है। दोनों देशों के बीच फिनटेक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर काम किया जाएगा। भारत ने थाई पर्यटकों के लिए ई-वीजा देना शुरू कर दिया है।