चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में शुक्रवार सुबह एक नाबालिग की तेज रफ्तार कार ने एक बाइक टैक्सी ड्राइवर की जान ले ली। इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठी महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, 17 साल का लड़का बिना माता-पिता को बताए कार की चाबी लेकर निकला था और मौज-मस्ती के लिए गाड़ी चला रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, हालांकि बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले बाइक टैक्सी ड्राइवर की पहचान 29 वर्षीय गुरमिंदर सिंह के रूप में हुई है।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले गुरमिंदर सिंह शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे हैं। शुक्रवार सुबह वह दिन की पहली बाइक टैक्सी राइड लेकर निकले थे। चंडीगढ़ के सेक्टर-45 में रहने वाली पूजा ने सेक्टर-19 जाने के लिए ऐप के जरिए बाइक टैक्सी बुक की थी। गुरमिंदर ही उन्हें लेने पहुंचे थे। दोनों को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों बाद उनका सफर एक दर्दनाक हादसे में बदल जाएगा।
सुबह करीब 6 बजे गुरमिंदर अपनी बाइक से सेक्टर-20/30 के गोलचक्कर से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कोडा ऑक्टेविया कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गुरमिंदर और पूजा दोनों सड़क पर जा गिरे। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने गुरमिंदर को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल पूजा को बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रेफर किया गया। फिलहाल वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाला 17 वर्षीय किशोर 12वीं कक्षा का छात्र है। उसने अपने माता-पिता को बताए बिना घर से कार की चाबी ली थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत कार्रवाई की है। यह धारा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से जुड़े मामलों में वाहन मालिक या अभिभावक की जिम्मेदारी तय करती है, अगर उन्होंने नाबालिग को गाड़ी चलाने की अनुमति दी हो। इस हादसे ने एक परिवार से उसका कमाने वाला सदस्य छीन लिया है, जबकि दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।