चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ के सेक्टर-45 में मंगलवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) का दस्ता लगातार दूसरे दिन अतिक्रमण हटाने पहुँचा। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद की जा रही इस कार्रवाई का स्थानीय निवासियों ने पुरजोर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों और भारी पुलिस बल के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसमें महिलाओं ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। आरोप है कि बोर्ड ने संवेदनहीनता दिखाते हुए एक बंद मकान के खिलाफ भी कार्रवाई कर दी, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।
कार्रवाई के दौरान राजनीतिक पारा भी पूरी तरह गरम रहा। आम आदमी पार्टी के नेता शादाब राठी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ियों के आगे लेट गए। वहीं, नगर निगम के विपक्षी नेताओं ने इस अभियान को 'राजनीतिक द्वेष' से प्रेरित बताया। कांग्रेस और आप पार्षदों का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर उन क्षेत्रों को निशाना बना रहा है जहाँ विपक्षी दलों का प्रभाव है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों पुराने निर्माणों को अचानक ढहाना न्यायसंगत नहीं है।
इस विवाद पर चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से लंबित इस मुद्दे का समाधान घरों को तोड़ना नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक 'रेगुलराइजेशन पॉलिसी' बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह इस मामले को संसद में भी उठा चुके हैं और प्रशासन को ध्वस्तीकरण के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों का रुख स्पष्ट है कि 9 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है, इसलिए यह अभियान रुकने वाला नहीं है।
फिलहाल सेक्टर-45 में भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में तो है, लेकिन तनाव बरकरार है। सीएचबी ने विभिन्न सेक्टरों के करीब 1300 मकानों को पहले ही नोटिस जारी कर रखा है, जिससे हजारों परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। राजनीतिक दलों द्वारा गठित कमेटी प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हाउसिंग बोर्ड ने साफ कर दिया है कि बुधवार को भी तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रहेगी।