चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ प्रशासन में भर्ती और पदोन्नति को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि पदों को भरने के लिए बाहरी नियुक्ति के बजाय विभाग के भीतर मौजूद कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए पदोन्नति दी जानी चाहिए।
यह मामला दीपक कुमार निशाद समेत अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें वर्ष 2017 में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, चंडीगढ़ के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें 2013 की भर्ती प्रक्रिया के तहत सुपरवाइजर पद पर की गई नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया था और नए नियम बनाने के निर्देश दिए गए थे।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की सहमति को आधार बनाते हुए केस का निपटारा किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रशासन केवल इस आधार पर प्रमोशन से इनकार नहीं कर सकता कि संबंधित पद को पदोन्नति से नहीं भरा जा सकता।
अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में नए भर्ती नियम बनाते समय कर्मचारियों के प्रमोशन के अवसरों को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि बाहरी नियुक्ति का विकल्प तभी अपनाया जाए, जब पद को न तो प्रमोशन से और न ही सीधी भर्ती के जरिए भरा जा सके।