चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: शहर की स्वास्थ्य, सामाजिक देखभाल और पशु कल्याण सेवाओं की जमीनी स्थिति परखने के लिए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वीरवार को औचक निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं में खामियां देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार के लिए कहा गया।
निरीक्षण की शुरुआत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH-32) से हुई, जहां इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने ट्रायेज, सर्जिकल, मेडिसिन और बाल रोग वार्डों का जायजा लिया और मरीजों से सीधे बातचीत कर फीडबैक लिया। अधिकतर मरीजों ने इलाज को लेकर संतोष जताया, जबकि ब्लड कलेक्शन सेंटर, अल्ट्रासाउंड कक्ष और ऑपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली भी परखी गई।
इसके बाद प्रशासक सेक्टर-31 ग्रुप होम पहुंचे, जहां मानसिक बीमारी, बौद्धिक दिव्यांगता और ऑटिज्म से प्रभावित लोगों की देखभाल की जाती है। यहां उन्होंने निवासियों और स्टाफ से बातचीत कर सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षित माहौल बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की और निर्देश दिया कि अधिक जरूरतमंद लोगों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाई जाए।
अंत में उन्होंने एसपीसीए (SPCA) का दौरा किया, जहां पशुओं की देखभाल, साफ-सफाई और उपचार व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। घायल और बीमार पशुओं के इलाज के साथ ही आक्रामक कुत्तों के प्रबंधन पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बेहतर संचालन के लिए मानक प्रक्रियाएं लागू करने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।