चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में सोमवार को हाउसिंग बोर्ड ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डिमोलिशन ड्राइव शुरू कर दी। सेक्टर-45 में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने उन मकानों पर कार्रवाई की, जहां सरकारी जमीन पर कब्जा या बिना अनुमति निर्माण किया गया था। कर्मचारी छतों पर चढ़कर हथौड़ों से अवैध हिस्सों को तोड़ते नजर आए।
इस कार्रवाई के दौरान सेक्टर-45 के चार मकानों में तोड़फोड़ की गई। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया, जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने विरोध कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया, जिसके बाद अभियान को आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर के कुल नौ सेक्टरों में की जानी है।
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही सेक्टर-41 में इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसमें बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हुए थे। बैठक में एक संयुक्त कमेटी बनाकर प्रशासन से बातचीत करने का फैसला लिया गया था, लेकिन उससे पहले ही डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के तहत की जा रही है। कोर्ट ने पहले ही निर्देश दिया था कि जिन मकानों में संरचनात्मक बदलाव कर उन्हें असुरक्षित बनाया गया है, उन्हें एक महीने के भीतर ठीक किया जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर मरम्मत का काम हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराया जाता है, तो उसका पूरा खर्च मकान मालिकों से वसूला जाएगा। सेक्टर 41-A, 41-D, 45-A, 45-C, 45-D, 46, 47-C, 39-B और 29-B के कई मकान इस कार्रवाई से प्रभावित हैं, खासतौर पर वे लोग जिन्होंने नोटिस के बावजूद स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा नहीं किया।