चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों में मानसून के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के बाकी हिस्सों में पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। मौसम विभाग ने 2 जुलाई से 6 जुलाई के बीच इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
आईएमडी के मुताबिक, मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में यह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के शेष क्षेत्रों तक भी पहुंच जाएगा।
मौसम विभाग ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में 1 जुलाई से गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। 2 से 6 जुलाई के बीच तीनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, पंजाब में 2, 3, 4 और 6 जुलाई तथा हरियाणा और चंडीगढ़ में 2 से 6 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, फिसलन भरी सड़कों से यातायात प्रभावित होने, दृश्यता कम होने और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं में अस्थायी बाधा आ सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल खुले में न रखें और बारिश के दौरान उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव न करें। वहीं लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों और जलाशयों से दूर रहने तथा आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है।