चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित एक पेट्रोल पंप पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वहां अचानक एक नोटिस लगा दिया गया, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए 500 रुपये और कारों के लिए 1500 रुपये तक ईंधन भरवाने की सीमा तय की गई थी। यह सूचना देखते ही लोगों में घबराहट फैल गई और पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग गईं।
सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई और ‘पैनिक बाइंग’ शुरू हो गई। हालांकि बाद में पेट्रोल पंप मालिक ने सफाई देते हुए कहा कि पीछे से ईंधन की सप्लाई में अस्थायी कमी के कारण मजबूरी में यह नोटिस लगाया गया था, किसी सरकारी आदेश के तहत ऐसा नहीं किया गया था।
मामला बढ़ने पर चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से पेट्रोल या डीजल की बिक्री पर किसी भी तरह की कोई सीमा या रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन की खरीद जारी रखें। प्रशासन ने संबंधित पेट्रोल पंप को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।