चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी 42 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कौशल शिक्षा (स्किल एजुकेशन) शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना पर करीब 1.2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा का लाभ मिलेगा।
अब तक 23 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ही व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाते थे, लेकिन नए सत्र से विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी तीनों संकायों के छात्र नियमित पढ़ाई के साथ स्किल आधारित विषयों का भी चयन कर सकेंगे। इसके लिए 38 अतिरिक्त अंशकालिक स्किल ट्रेनरों की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान में 110 नियमित और संविदा आधारित स्किल एजुकेटर पहले से कार्यरत हैं।
इस विस्तार के तहत कक्षा 12 में 1,755 व्यावसायिक सीटों का पुनर्वितरण किया जाएगा। इससे कुल सीटों की संख्या 13,875 से बढ़कर 13,920 हो जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विषय चुनने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।
छात्रों को 30 से अधिक स्किल आधारित विषयों का विकल्प मिलेगा, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT), वेब एप्लीकेशन, बैंकिंग, मार्केटिंग, हेल्थ केयर, फूड प्रोडक्शन, टूरिज्म, ब्यूटी एंड वेलनेस, योग, फैशन स्टडीज, इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, रेफ्रिजरेशन और अन्य उद्योग आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं। विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है।