चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कट्टरपंथी सिख उपदेशक और खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत तीसरी बार हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अमृतपाल को निवारक हिरासत (Preventive Detention) में न रखने से सार्वजनिक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। अदालत ने अपने 15 पन्नों के आदेश में कहा कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लिया गया निर्णय तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर पूर्णतः तर्कसंगत और कानूनी है।
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। राज्य सरकार ने उन पर राष्ट्रविरोधी तत्वों, खतरनाक गैंगस्टरों और आतंकवादियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया है। हिरासत के आधारों में 9 अक्टूबर 2024 को हुए गुरप्रीत सिंह हरि नौ की हत्या का भी जिक्र किया गया है। गुरप्रीत, जो कभी अमृतपाल का करीबी सहयोगी था, बाद में उससे अलग हो गया था और सोशल मीडिया पर 'वारिस पंजाब दे' संगठन के खिलाफ प्रचार कर रहा था। पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे अमृतपाल की भूमिका हो सकती है।
अदालत में पेश की गई खुफिया रिपोर्ट (23 मार्च 2025) में यह भी दावा किया गया कि जेल में रहते हुए अमृतपाल ने कनाडा में 'आनंदपुर खालसा फौज (AKF) इंटरनेशनल एसोसिएशन' बनाने के निर्देश दिए। यह संगठन कथित तौर पर 'खालिस्तान' के लिए सशस्त्र संघर्ष, हथियारों के प्रशिक्षण और भारतीय दूतावासों के बाहर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहा है। हालांकि, अमृतपाल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तर्क दिया कि जब हत्या की घटना हुई तब वह जेल में था और उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।
अमृतपाल की हिरासत की अवधि 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है, जिसे देखते हुए पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में एक नई याचिका दायर की है। सरकार चाहती है कि अमृतपाल को पंजाब वापस लाए बिना असम के डिब्रूगढ़ में ही उससे पूछताछ की अनुमति दी जाए, क्योंकि उसकी पंजाब वापसी से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। साथ ही, सरकार ने गिरफ्तारी के बाद की पूरी न्यायिक कार्यवाही, रिमांड और चार्जशीट पेश करने की प्रक्रिया को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संचालित करने की अनुमति मांगी है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद है।