चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में आबादी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर जहां कभी 5 लाख लोगों के लिए बसाया गया था, वहीं अब यहां 14 लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन मास्टर प्लान के तहत नई योजनाएं लागू कर रहा है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड जल्द ग्रुप हाउसिंग स्कीम लाने जा रहा है, जिसमें EWS, 2BHK और 3BHK फ्लैट्स की कीमतें क्रमशः 74 लाख, 1.97 करोड़ और 2.30 करोड़ रुपये तक रखी गई हैं। साथ ही फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) को दोगुना करते हुए 1.2 से 2.4 कर दिया गया है, जिससे अब ऊंची इमारतों का निर्माण संभव होगा।
कलेक्टर रेट में हालिया बढ़ोतरी से प्रोजेक्ट की लागत में काफी इजाफा हुआ था, लेकिन FAR बढ़ने से अब एक ही जमीन पर ज्यादा फ्लैट्स बनाए जा सकेंगे। इससे प्रति फ्लैट निर्माण लागत कम होने की संभावना है। FAR जमीन के कुल क्षेत्रफल और उस पर बनने वाले फ्लोर एरिया के अनुपात को दर्शाता है, जो निर्माण की सीमा तय करता है।
शहर में भीड़ और आवास की कमी को देखते हुए प्रशासन ने एक नई व्यवस्था भी लागू की है। अब बड़ी कोठियों के मालिक अपने घरों में किराए पर कमरे दे सकेंगे, बिना बाहरी ढांचे में बदलाव किए। इसके लिए नियम तय किए गए हैं, जैसे कमरे में दो बेड, अटैच बाथरूम और पार्किंग की सुविधा जरूरी होगी। खास बात यह है कि इस व्यवस्था को कमर्शियल गतिविधि नहीं माना जाएगा।
सेक्टर-53 में फ्लैट्स की योजना को भी दोबारा शुरू किया गया है, जिसे पहले 2018 में लॉन्च किया गया था लेकिन ज्यादा कीमतों के कारण सफल नहीं हो पाई थी। अब इस योजना को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और 372 फ्लैट्स के लिए 7 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में भी FAR बढ़ाने की तैयारी है, ताकि विकास को गति मिल सके। ये सभी बदलाव चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 के तहत किए जा रहे हैं, जिसका मकसद शहर को बेहतर और संतुलित ढंग से विकसित करना है।