चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में जनगणना 2027 को डिजिटल रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। इस पहल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-अनुकूल बनाना है। इस प्रक्रिया को चंडीगढ़ की जनगणना संचालन निदेशक डॉ. नवजोत खोसा और उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी निशांत कुमार यादव की उपस्थिति में पूरा किया गया।
मुख्य सचिव ने खुद ऑनलाइन विवरण भरकर शहर के निवासियों के लिए एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने नागरिकों को इस सुविधाजनक और सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। स्व-गणना की सुविधा नागरिकों को अपनी सुविधानुसार विवरण भरने की आजादी देती है, जिससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होती है। मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सटीक डेटा संग्रह भविष्य की प्रभावी योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जनगणना संचालन निदेशालय और चंडीगढ़ प्रशासन ने इस डिजिटल प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। नागरिकों की सहायता और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के तहत एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
मुख्य सचिव के साथ-साथ डॉ. नवजोत खोसा और उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने भी अपना स्व-गणना कार्य पूरा कर जनता को प्रेरित किया। चंडीगढ़ के निवासियों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी दर्ज करें। अधिकारियों की इस सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।