चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ और आसपास के ट्राइसिटी इलाके में रंगदारी का संगठित नेटवर्क तेजी से सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। सेक्टर-9 में हुए चमनप्रीत उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपी साहिल से पूछताछ में सामने आया कि शहर के क्लब संचालकों, होटल कारोबारियों और व्यापारियों से बड़े पैमाने पर वसूली की जा रही थी।
जांच में पता चला कि आरोपी गैंगस्टर लक्की पटियाल और प्रिंस के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराते थे। खुद को उनके करीबी बताकर हर महीने लाखों रुपये की रंगदारी वसूली जाती थी। बुड़ैल और कजहेड़ी जैसे इलाकों के कई होटल इस नेटवर्क के निशाने पर थे, जहां नियमित तौर पर पैसे वसूले जा रहे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस पूरे रैकेट को विदेश में बैठा मुकुल राणा संचालित कर रहा था, जो लक्की पटियाल और उसके सहयोगियों का करीबी माना जाता है। आरोपियों ने पूछताछ में कई अन्य गुर्गों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी होटल मालिकों और क्लब संचालकों की निजी जानकारी—जैसे मोबाइल नंबर, लोकेशन और गाड़ियों का विवरण—गैंगस्टरों तक पहुंचाते थे। इसके बाद उन्हें कॉल कर रंगदारी मांगी जाती थी और इनकार करने पर फायरिंग जैसी घटनाओं से डराया जाता था।
इसके अलावा चिन्नी हत्याकांड में शामिल आरोपियों के तार मुकुल राणा और राहुल शर्मा से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार शूटरों को हथियार, ठहरने की जगह और आर्थिक मदद भी इसी नेटवर्क के जरिए दी गई थी। फिलहाल पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को पकड़ने का दावा कर रही है।