चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ प्रशासन ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए बुधवार को तीन हेल्पलाइन नंबर शुरू किए। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर 9 स्थित यूटी सचिवालय में इन हेल्पलाइन की शुरुआत की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे की तस्करी और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
नशे से जुड़ी कोई भी जानकारी देने के लिए लोग टोल-फ्री नंबर 1933 (मानस), मोबाइल नंबर 8283040100 या लैंडलाइन 0172-2677037 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायत करने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी खुद इन शिकायतों की निगरानी करेंगे, जिससे गंभीर मामलों में जल्दी कार्रवाई हो सके।
अगले चरण में चंडीगढ़ में घर-घर जाकर सर्वे भी किया जाएगा। इसका मकसद उन परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें नशे से जुड़ी समस्या के लिए काउंसलिंग, मदद या रिहैबिलिटेशन की जरूरत है। कटारिया ने स्वास्थ्य विभाग को ऐसी मेडिकल दुकानों और आउटलेट्स पर भी नजर रखने को कहा है, जहां गलत इस्तेमाल की आशंका वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाएं बेची जाती हैं। इसके अलावा नाइट क्लबों के समय को रेगुलेट करने और नाइट एस्टैब्लिशमेंट्स में नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर नजर रखने की भी तैयारी है।
चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान अब तक 130 FIR दर्ज की गई हैं, 133 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 359 लोगों को हिरासत में लिया गया है। चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट्स को घेरकर तस्करी में शामिल संदिग्धों को पकड़ा जा रहा है। हेल्पलाइन से मिलने वाली सूचनाओं को चार कैटेगरी में बांटा जाएगा। भरोसेमंद और तुरंत कार्रवाई वाली शिकायतों को SSP की निगरानी में बनी विशेष टीम देखेगी, जबकि सामान्य मामलों की जानकारी एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स को भेजी जाएगी। पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम करने और मौजूदा नशामुक्ति केंद्रों की क्षमता की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर नए सेंटर शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।