चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम (MC) के संयुक्त आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने बुधवार को शहर के विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर 'स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014' के कार्यान्वयन की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए निर्धारित स्थलों पर सुविधाओं की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना था कि वेंडर्स और ग्राहकों दोनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
संयुक्त आयुक्त ने आईटी पार्क के साथ-साथ सेक्टर 7, 8, 9, 10 और 11 में बने वेंडिंग साइट्स का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ प्रवर्तन (Enforcement) विंग के सुनील दत्त और सामाजिक विकास अधिकारी (SDO) विवेक त्रिवेदी भी मौजूद रहे। इस दौरान पीने के साफ पानी की उपलब्धता और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया। गुप्ता ने इंजीनियरिंग विंग को सख्त निर्देश दिए कि वेंडिंग जोन में पानी की आपूर्ति निर्बाध रहे और साफ-सफाई के उच्च मानक बनाए रखे जाएं।
निरीक्षण के दौरान हिमांशु गुप्ता ने वेंडिंग लेआउट की प्रभावशीलता, सुरक्षा व्यवस्था और लाइटिंग से जुड़ी चुनौतियों का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां मौजूद ग्राहकों से भी बात की और स्वच्छता व पहुंच (Accessibility) को लेकर उनका फीडबैक लिया। वेंडिंग जोन के सुचारू संचालन के लिए प्रवर्तन विंग को निर्देश दिया गया कि केवल अधिकृत वेंडर ही अपनी जगह पर बैठें और नॉन-वेंडिंग क्षेत्रों में किसी भी तरह का अतिक्रमण न हो, ताकि पैदल चलने वालों को परेशानी न हो।
सामाजिक कल्याण के पहलू को ध्यान में रखते हुए, एसडीओ विवेक त्रिवेदी ने वेंडरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। साथ ही, उन्हें 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत स्वच्छता के नियमों का पालन करने और ग्राहकों को स्वच्छ भोजन व सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस कदम से चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडिंग को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।