चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और सीमा पार से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि सीमा बेल्ट के 585 संवेदनशील स्थानों पर कुल 2,291 सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। यह पहल तकनीक-आधारित सुरक्षा ग्रिड तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इन कैमरों की स्थापना 'गैंगस्टर ते वार' अभियान के तहत की गई है, जिसे सुरक्षा की 'दूसरी रक्षा पंक्ति' (second line of defence) के रूप में देखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों और तस्करी के लिए उपयोग किए जाने वाले रास्तों पर पैनी नजर रखना है। इसके साथ ही, सीमावर्ती जिलों के 41 पुलिस स्टेशनों को भी सीसीटीवी कवरेज के दायरे में लाया गया है, जिससे निगरानी की एक एकीकृत प्रणाली तैयार हो गई है।
डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन जिलों में एंटी-ड्रोन निगरानी (Anti-drone vigilance) को और अधिक सख्त कर दिया गया है, जहाँ अक्सर नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप गिराए जाने की घटनाएं होती रहती हैं। यह उन्नत प्रणाली सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधियों को समय रहते पहचानने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद करेगी।
पंजाब पुलिस की इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य केवल अपराध को रोकना ही नहीं, बल्कि सीमा पार से होने वाली आपूर्ति से लेकर स्थानीय स्तर पर इसकी डिलीवरी करने वाले पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। तकनीक और सक्रिय पुलिसिंग के इस मेल से पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।